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Father’s Diary – Part 5

“अलविदा,.” जैसे अर्जुन के पास सबकुछ था, वासुदेव थे, शब्दवेधी बाण विद्या थी किन्तु अभिमन्यु की मृत्यु को वो रोक नहीं पाए क्योंकि सारे शगुन उस दिन विपरीत थे,ऐसे ही जो भी शक्ति उस दिन तुम्हे वह प्रलयंकारी कदम उठाने से रोक सकती थी, सृष्टि ने अनुपस्थित कर दी | चक्रव्यूह में प्रवेश करना केवल अभिमन्यु को मालूम था, संसार …

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Father’s Diary – Part 4

अलविदा के पूर्व : हमें मानव जीवन परिपूर्णता प्राप्त करने के लिए मिलता है,तुममें वाकई ये पूर्णता विद्यमान थी,तुम हर कार्य सर्वोत्तम तरीके से करते थे भले ही समय और संसाधन का आधिक्य हो जाए लेकिन बाद में जो परिणाम उभरकर आता वो अद्वितीय होता जो तुम्हारे प्रयास के खिलाफ हमारे हर तर्क को विफल कर देता | शेक्सपियर पर …

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Father’s Diary – Part 3

समाज जब किसी चट्टान पर अनेक प्रहार किये जाते है, लेकिन वह विक्षिप्त सौवे प्रहारपर होती है, इसका अर्थ ये नहीं कि सौवे प्रहार ने उसे तोडा है अपितु यह है कि निन्यानवे प्रहारों ने उसे कमजोर किये है | समाज हबी व्यक्ति के ह्रास में इन अपरिलक्षित प्रहारों कि भूमिका निभाता है | लोगो का एहसान फरामोश रुख भी …

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Father’s Diary – Part 2

व्यवस्था सर्वप्रथम मृगतृष्णा की भांति वर्त्तमान शिक्षप्रनाली ने लुभावने प्रलोभन देकर अपनी ओर आकृष्ट किया जो वास्तव में विद्यमान ही नहीं थे | वर्त्तमान समय का सबसे विनाशकारी प्रभाव ये है की आजकल सबकुछ मिथ्या प्रदर्शन पर आधारित है | सांच के आवरण में न जाने कितने कपट के धंधे ढक जाते है | इस आडम्बर के नक़्शे में पहले …

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Father’s Diary – Part 1

एक पिता की कलम से प्रिय पुत्र, शुभाशीष, जहाँ भी रहो खुश रहो मेरी बाँहों में जब तुम चौधवी का चाँद बन कर आए तो जीवन का सारा अधूरापन एक पल में ही मिट गया | कभी मै उस वक़्त प्रकृति की हरियाली प्रतिबिंबित करती तुम्हारी हरी आँखों में खो जाता तो कभी तुम्हारी कोमल घुँघराली अलकावली में उलझ जाता …

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Form is temporary Class is Permanent

Salutations Sir on your completion of 3 remarkably successful years as GM(O&M)Bhopal .This occasion is more significant for me than others because- life has given me another chance, given me this priceless opportunity to establish myself in this university of Life. My second innings under you is like getting up at dawn and seeing the sunrise while the rest of …

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React To Situations

Discover the 90/10 Principle. It will change your life (at least the way you react to situations). What is this principle? 10% of life is made up of what happens to you. 90% of life is decided by how you react. What does this mean? We really have no control over 10% of what happens to us. We cannot stop …

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Difference between Yoga and Meditation

Initially both Yoga and Meditation are presumed to deal with well-being of a Human,but there’s much more than meets the eye. On analyzing, it becomes clear that Yoga consists of allround development covering our 3 main aspects i.e. Physical, Mental & Spiritual whereas meditation concerns particularly with the spiritual aspect of our personality. In broader sense,meditation is contemplation on any …